भोपाल: मध्य प्रदेश में आसमान से आग बरस रही है। पारा उबल रहा है और पूरा प्रदेश भट्टी सा तप रहा है। हालत यह है कि एसी और कूलर भी राहत नहीं दे पा रहे। दिन तो ठीक रात में भी गर्म हवाओं से लोग बेहाल हैं। रविवार को बुंदेलखंड का नौगांव 45.5°C के साथ सबसे अधिक तापमान वाला इलाका रहा। वहीं दमोह, जबलपुर, नरसिंहर, दतिया, खजुराहो, विदिशा प्रदेश के सबसे गर्म शहरों में शुमार थे। आईएमडी के अनुसार आगामी 27 मई तक प्रदेश में गर्मी और लू से राहत के आसार कम ही हैं।

आईएमडी ने मध्य प्रदेश के सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भीषण गर्मी और तेज लू का रेड अलर्ट जारी किया है। इसी प्रकार राजगढ़, आगर, दतिया, भिंड, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, उमरिया, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, बालाघाट, दमोह, सागर, मैहर में ऑरेंज अलर्ट अलर्ट दिया गया है। इसी प्रकार प्रदेश के भोपाल, विदिशा, रायसेन, सिहोर, नर्मदापुरम, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, मंदसौर नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुरकलां, अनूपपुर, शहडोल, डिंडौरी में लू का यलो अलर्ट दिया गया है।
मौसम विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार आगामी तीन दिन प्रदेश पर लू का खतरनाक असर रहेगा। 27 मई तक लू अपने चरम पर रहेगी। इसमे कई इलाकों में पारा और उछल सकता है। वैसे मई के महीने में शुरूआत से ही एमपी में राजस्थान और विदर्भ की तरफ से आने वाली गर्म हवाओं से जनजीवन अस्त—व्यस्त बनाा है।
मध्य प्रदेश में 27 मई तक लू का रेड अलर्ट
पहली दफा रेड, ऑरेंज और यलो अलर्ट लगातार जारी
सोमवार से नौतपा प्रारंभ हो रहे हैं, भीषण गर्मी रहेगी
देश-प्रदेश में बुंदेलखंड सबसे गर्म इलाका दर्ज
रिटायर्ड मौसम विज्ञानी डॉ. शैलेंद्र नायक के अनुसार मानसून की प्रगति के बावजूद उत्तर भारत और मध्य भारत में गर्मी का असर अभी जारी है। मध्यप्रदेश के कई शहरों में तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून पूरी तरह सक्रिय होने तक गर्मी और उमस दोनों लोगों को परेशान कर सकती हैं।
मध्यप्रदेश में कब पहुंचेगा मानसून?
डॉ. शैलेंद्र नायक रिटायर्ड मौसम विज्ञानी, भोपाल के अनुसार मानसून जून के दूसरे सप्ताह तक मध्यप्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में पहुंच सकता है। इसके बाद भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग में धीरे-धीरे मानसूनी गतिविधियां बढ़ेंगी। हालांकि मानसून की वास्तविक गति समुद्री परिस्थितियों और आगामी मौसम प्रणालियों पर निर्भर करेगी।
इन इलाकों में प्री-मानसून की गतिविधियां शुरू
फिलहाल प्रदेश में प्री-मानसूनी गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं। पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी जिलों में आंधी, बादल और हल्की बारिश की संभावना बन रही है, जबकि पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में अभी भी भीषण गर्मी बनी हुई है।
सामान्य से अधिक प्री-मानसूनी गतिविधियां, किसानों के लिए राहत की उम्मीद
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मई में सामान्य से अधिक प्री-मानसूनी गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। इससे मिट्टी में नमी बढ़ रही है और खरीफ सीजन की तैयारी में मदद मिलेगी। जलाशयों और तालाबों को भी शुरुआती राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि मौसम विभाग ने किसानों को चेतावनी दी है कि आंधी और बिजली गिरने की घटनाओं के दौरान सतर्क रहें तथा खुले खेतों में काम करने से बचें।












