होमगार्ड मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने 12 साल से एक ही जनपद में जमे बाबूओं का करें तबादला
उसूलों के पक्के डीजी,होमगार्ड डी.के.ठाकुर के आने से तबादले में दिखेगी पारदर्शिता
डीआईजी आर.के.वर्मा की पारखी निगाहों से नहीं बचेंगे कुर्सी पकड़ बाबू

शुभम यादव
लखनऊ। ‘तबादला एक्सप्रेस’ की रफ्तार ने होमगार्ड विभाग में वर्षों से मुख्यालय के अफसरों को दक्षिणा पहुंचा कर एक ही जनपद में वर्षों से मौज करते चले आ रहे हैं। लेकिन इस बार होमगार्ड मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने एक ही जनपद मेें तैनात बाबूओं को चिन्हित कर हटाने का निर्देश दिया है। दूसरी तरफ डीजी होमगार्ड डी. के. ठाकुर की तैनाती से विभाग में भ्रष्टïाचार की राह पर चलने वाले अफसरों की नींद उड़ गयी है। श्री ठाकुर नियम-कानून पर चलने वाले सख्त अधिकारी के रुप में जाने जाते हैं। वहीं डीआईजी आर के वर्मा भी चौकन्ना होकर नियम विरुद्ध वर्षों से तैनात बाबूओं की सूची बना रहे हैं।

होमगार्ड विभाग का नाता विवादों से हमेशा से रहा है। मुख्यालय पर पूर्व में तैनात तथाकथित अफसरों की शह पर जनपदों में तैनात बाबूओं का मन बढ़ गया था। वे कमांडेंट तक को हल्के में लेते थे,जिसकी वजह से अधिकारी सही ढंग से अपना काम नहीं कर पाते थे। मौजूदा समय में भी कुछ ऐसे अफसर हैं जो नियमों को तोड़ जनपदों में तैनात 20 से 40 वाले बाबूओं को बचाने की जुगत लगा रहे हैं। अफसर तर्क क्या देते हैं कि फलां बाबू एक साल बाद रिटायर होने वाला है। फलां उसी जनपद का रहने वाला, उसका सबकुछ समझा-बुझा है।
‘द संडे व्यूज़’ के संवाददाताओं ने हाल ही में कई जनपदों के मठाधीश बाबूओं के बारे में खुलासा किया था कि कौन कितने वर्ष से एक ही जनपद में तैनात है और कौन कमांडेंट की अवैध वसूली कराकर उनकी जेबें भरता है। 18 मई को खुलासा किया था कि वाराणसी में तैनात क्लर्क रवीन्द्र यादव जुलाई 2014 से तैनात है और जिला कमांडेंट के निर्देश पर रात्रिपाली में जवानों की ड्यूटी लगाकर करता है अवैध वसूली। इसी तरह मृतक आश्रितों को नौकरी दिलाने के नाम पर भी अवैध वसूली करता चला आ रहा है इसीलिये कमांडेंट उसे संरक्षण देते हैं। 21 मई को देवरिया में 40 साल से तैनात बाबू कुंवर बहादुर सिंह के बारे में लिखा गया था कि वो मुख्यालय के एक अफसर को हर साल दक्षिणा पहुंचाकर अपनी कुर्सी बचाता रहा।
इस बार भी बाबू उक्त अफसर को भारी-भरकम लिफाफा देकर गया है और वो अफसर ये कहकर पैरवी कर रहे हैं कि अब तो उसका रिटायरमेंट होने वाला है,इसलिये ट्रांसफर नहीं होना चाहिये। उक्त अफसर को दक्षिणा देने के बाद बाबू कुंवर बहादुर सिंह देवरिया में कर्मचारियों को धौंस दे रहा है कि किसी में दम हो तो मुझे हटाकर देखें। इसी तरह मुख्यमंत्री के शहर गोरखपुर में 1995 में चतुर्थ श्रेणी पर तैनात नंद कुमार चौधरी और संतराम चौधरी बाबू बनने के बाद भी कमांडेंट कार्यालय में तैनात हैं और होमगार्डों की मनचाही ड्यूटी लगाने के नाम पर प्रति जवान 3000 रुपये की वसूली कर रहे हैं। कितनी शर्मनाक बात है कि मुख्यमंत्री के शहर गोरखपुर में भी जीरो टॉलरेंस की धज्जिया उड़ रही है।
इस बाबत डीआईजी,होमगार्ड आर के वर्मा से फोन पर वार्ता हुयी तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जितने क्लर्क वर्षों से एक ही जनपद में तैनात हैं,वे मेरे कार्यकाल के नहीं हैं। मैं 10 साल से ऊपर से एक ही जनपद में तैनात क्लर्कों की लिस्ट बना रहा हूं। डीजी को सूची सौंप दूूंगा। मेरी जानकारी में नियम विरुद्ध जो भी बात आयेगा,उसे हर हाल में ठीक करूंगा।












