चारबाग स्टेशन शेड हादसे पर रेलवे का बड़ा एक्शन- ठेकेदार पर 50 लाख का जुर्माना, 3 इंजीनियर सस्पेंड

0
15

प्लेटफॉर्म 4-5 को किया गया बंद

जांच के लिए बनाई गई हाईलेवल कमेटी

उत्तर रेलवे के जीएम ने लिया जायजा

लखनऊ: राजधानी लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर यात्री शेड गिरने की घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित ठेकेदार पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में तीन इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। घटना की विस्तृत जांच के लिए रेलवे मुख्यालय के तीन वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय समिति भी गठित की गई है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में गंभीर लापरवाही के संकेत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है। समिति की रिपोर्ट आने के बाद मामले में और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। रेलवे ने बताया कि घटना में जिम्मेदारी तय करते हुए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (PMC) टीम को तत्काल प्रभाव से कार्य से हटा दिया गया है। इसके अलावा रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) के प्रोजेक्ट इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया है।

लखनऊ मंडल के इंचार्ज वर्क्स सुपरवाइजर और सहायक अभियंता (Assistant Engineer) के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की गई है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार अन्य अधिकारियों और एजेंसियों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे मुख्यालय के तीन वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की गई है। यह समिति हादसे के कारणों, निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के पालन की जांच करेगी।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की जवाबदेही तय की जाएगी।

हादसे के बाद चारबाग स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 और 5 को एहतियातन दोनों ओर से बंद कर दिया गया। इन प्लेटफॉर्मों पर प्रतिदिन करीब 40 से 42 ट्रेनों की आवाजाही होती है।

यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्लेटफॉर्म पर आम आवाजाही रोक दी गई और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को तैनात किया गया। प्रभावित ट्रेनों का संचालन अन्य प्लेटफॉर्मों से कराया गया। देर शाम तक मलबा हटाने और रूट क्लियर करने का काम जारी रहा। यात्री शेड गिरने के बाद रेलवे की तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत और बहाली कार्य शुरू किया। क्रेनों की सहायता से क्षतिग्रस्त ढांचे को हटाया गया ताकि रेल संचालन जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके।

इस दौरान डीआरएम सुनील कुमार वर्मा और RLDA के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर पावस यादव ने मौके का निरीक्षण किया। वहीं ब्रिज वर्कशॉप की मेंटेनेंस टीम के प्रमुख अजय यादव, शिवशंकर और राजू समेत अन्य कर्मचारियों ने राहत कार्यों की निगरानी की।

घटना की जानकारी मिलने के बाद उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक (GM) राजेश पांडेय भी मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने सुरक्षा मानकों की समीक्षा करते हुए जांच को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। रेलवे प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति या एजेंसी को बख्शा नहीं जाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here