. आर.के.आजाद के घर पर जवान तैनात नहीं, तीन माह की बन गयी सैलरी ,शासन ने डीआईजी संजीव शुक्ला को सौंपी जांच
. शासन ने डीआईजी संजीव शुक्ला को सौंपी जांच : एसएसओ के आवास,कार्यालय पर नहीं तैनात जवान, फिर भी 3 माह का बन गया वेतन ?
. फर्जी मस्टर रोल की प्रबल संभावना,प्रकरण की जांच करने वाले अधिकारी भी सवालों के घेरे में…

संजय श्रीवास्तव
Reports of fake muster rolls in the Home Guards: होमगार्ड विभाग में अफसरों के भ्रष्टïाचार को खोलने का एक बार फिर शासन ने पूरा मन बना लिया है। प्रमुख सचिव,होमगार्ड राजेश कुमार सिंह ने मुख्यालय पर तैनात अफसर आर.के.आजाद के खिलाफ जांच करने का जिम्मा आगरा परिक्षेत्र के डीआईजी संजीव शुक्ला को सौंप दिया है। संजीव शुक्ला कई दिनों से लखनऊ में डेरा डाले हुये हैं और जिला कमांडेंट सहित दो कर्मचारियों का बयान भी ले चुके हैं। शासन ने श्री शुक्ला को मेडिकल पर चल रहे होमगार्ड के तीन माह का फर्जी सैलरी बनाकर पैसा हड़पने के प्रकरण में दूध का दूध पानी का पानी करने की हिदायत दी है। संभावना है कि जांच में एक बार फिर फर्जी मस्टर रोल का जिन्न बाहर निकल सकता है।

चर्चा इस बात की भी रही है कि जब अतुल सिंह एक साल से अवकाश पर थे तो उन्होंने तीनों माह कार्यालय जाकर जीडी पर हस्ताक्षर क्यों किया था ? देखना है कि मंत्री धर्मवीर प्रजापति के चहेते अफसर इस बार फंसेंगे या फिर मंत्री जी बचा लेंगे…। विभाग में चर्चा जोरों पर है कि भ्रष्टïाचार के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठाने वाले होमगार्ड ने खुलकर श्री शुक्ला को बयान दिया है और साक्ष्यों के आधार पर इस बार आर.के.आजाद को कोई नहीं बचा पायेगा।
बता दें कि होमगार्ड विभाग में तैनात होमगार्ड अतुल सिंह सितंबर,अक्टूबर, नवंबर 2024 मे अवकाश पर थे लेकिन उनके नाम से सैलरी बना दी गयी। होमगार्ड अतुल सिंह ने बताया कि इस बात की जानकारी होने पर जिला कमांडेंट कार्यालय गये तो वहां तैनात लक्ष्मी नारायण यादव, क्लर्क ने बताया कि तुम्हारी सैलरी बना दी गयी है और उसे निकाल भी लिया गया। इस पर मुख्यालय गया तो पता चला कि अवकाश के बाद भी मेरी सितंबर,अक्टूबर और नवंबर 2024 की सैलरी फर्जी तरीके से बनाकर निकाल ली गयी है। अधिकारियों ने बताया कि तुमने मुख्यालय पर तैनात एसएसओ आर.के.आजाद के कार्यालय और आवास पर ड्यूटी की है। शिकायत करने के बाद भी मुझे जब इंसाफ नहीं मिला तो मैंने उक्त माह में ड्यूटी स्थल का सीडीआर मांगा लेकिन मुझे भगा दिया गया। मामले की जांच आईजी को दी गयी और उन्होंने अपनी जांच में मुझे ड्यूटी करते दिखाया है,जो गलत है।

अतुल की बात मानें तो लखनऊ में भी पहले की तरह बड़े पैमाने पर फर्जी ड्यूटी लगाकर फर्र्जी मस्टर रोल का खेल क्लर्क लक्ष्मी नारायण यादव कर रहा है। खैर, एक शिकायती पत्र को शासन ने गंभीरता से लेते हुये इसकी जांच आगरा परिक्षेत्र के तेज तर्रार डीआईजी संजीव शुक्ला को सौंप दिया है। बताया जाता है कि संजीव शुक्ला ने जिला कमांडेंट अमरेश कुमार वर्मा,क्लर्क लक्ष्मी नारायण यादव और अवैतनिक कंपनी कमांडर अरुण कुमार रावत का बयान दर्ज कर लिया है। साथ ही मुख्यालय और एसएसओ के आवास का तीन माह का सीडीआर भी जब्त कर लिया है। प्रबल संभावना है कि डीआईजी की रिपोर्ट के बाद आर.के.आजाद कार्रवाई की तलवार लटक रही है। देखना है कि होमगार्ड की अफसरों के खिलाफ लड़ी जा रही मेहनत रंग लाती है या फिर मंत्री एक बार फिर अपने चहेते अफसर को बचा लेते हैं।












