माघ मेले में उमड़ा जनसैलाब, 2 दिन में 39 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई संगम में डुबकी

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सुरक्षा के मद्देनजर सघन चेकिंग

माघ मेला में वीवीआइपी सहित बने 15 स्नान घाट

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश में प्रयागराज के संगम तट पर बसी आध्यात्मिक नगरी माघ मेला के दूसरे प्रमुख स्नान पर्व मकर सक्रांति पर 14 व 15 जनवरी के मध्य करीब 39 लाख श्रद्धालुओं ने संगम क्षेत्र में आस्था की स्नान किया। प्रशासन के मुताबिक मकर संक्राति पर 14 जनवरी को शाम 6 बजे तक 14 लाख 20 हजार लोगों ने माघ मेला के 15 घाटों पर स्नान किया था। दूसरे दिन 15 जनवरी की शाम 6 बजे तक 24 लाख 60 हजार श्रद्धालों ने आस्था की डुबकी लगाई। वहीं पहले स्नान पर्व पौष पूर्णिमा पर 5 लाख 10 हजार लोगों ने स्नान किया था। जिसमें साधु संतों, श्रद्धालुओं,स्नानार्थियों व कल्पवासी शामिल हैं।

प्रयागराज में पिछले 10 साल के रिकार्ड को तोड़ती हुई कड़ाके की ठंड पड़ रही। शीटलहर के साथ लगातार तापमान सामान्य से काफी नीचे रहा है। हालांकि मकर संक्रांति पर दिन में धूप निकली पर गलन व ठंडी हवाओं का बहना जारी रहा। कोहरा व शीतलहरी श्रद्धालुओं के समक्ष चुनौती बन कर खड़ी थी। लेकिन श्रद्धालुओं के आस्था की शक्ति के आगे हार गयी। प्रतिकूल मौसम में भी प्रयागराज,आसपास के जनपदों से ही नहीं दूर दराज के प्रान्तों से लाखों की भीड़ मेला क्षेत्र में उमड़ पड़ी। ऐसे में जप,तप, ध्यान करते हुए आस्था की डुबकी लगाने वालों की संख्या 39 लाख पहुंचना बहुत बड़ी बात है।

माघ मेला क्षेत्र के अरैल, झूंसी के अलावा रामघाट, काली घाट, दशाश्वमेध घाट के अलावा मेला क्षेत्र में सेक्टरवाइज बने कुल 15 घाटों पर पौष पूर्णिमा पर स्नानार्थी श्रद्धालु कल्पवासी ब्रह्म महूर्त से ही श्रद्धा की डुबकी लगते रहे। इस बार मेला क्षेत्र में वीवीआइपी स्नान घाट सहित कुल 15 घाटों बनाये गए हैं। सभी घाटों पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।इस अवसर पर श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा ना हो इसके दृष्टिगत सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने दिन रात ही मेला क्षेत्र में भ्रमणशील रहे। मेला क्षेत्र में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराईं। विभिन्न सेक्टरों का निरीक्षण किया तथा सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में तैनात अधिकारियों का मनोबल बढ़ाया।मेला क्षेत्र में कई जगह बाहर से आने वाले यात्रियों की सघन चेकिंग भी की गई। प्रमुख स्थानों पर पी०ए०सिस्टम के माध्यम से यात्रियों व श्रद्धालुओं को जागरूक किये जाने की व्यवस्था की गई है। जिन्हें पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम के माध्यम से माइक पर जागरूक किया गया।

कोविड-19 के दृष्टिगत मास्क धारण करने एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए मेले के सभी 17 प्रवेश द्वारों एवं सभी स्नान घाटों पर कोविड हेल्पडेस्क की व्यवस्था की गयी।अब माघ मेला का तीसरा प्रमुख स्नान पर्व 21 जनवरी शनिवार को मौनी अमावस्या पर होगा।जिसमें श्रद्धालुओं की संख्या सर्वाधिक होती है। इसके बाद 26 जनवरी को चौथा स्नान पर्व वसंत पंचमी और पांचवां स्नान पर्व 5 फरवरी को माघी पूर्णिमा का रहेगा।वहीं माघी पूर्णिमा के स्नान के बाद माघ मेला से कल्पवासियों का एक माह पूरा हो जायेगा। वह अपने पूजा पाठ सम्पन्न कर गुरु से आशीर्वाद ले अपने घरों को प्रस्थान करना शुरू कर देगें। वहीं 18 फरवरी 2023 को महाशिवरात्रि के स्नान के बाद माघ मेला का समापन हो जायेगा।

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