अब… मंत्री के नवरत्न अधिकारी अवनीश सिंह ने कमांडेंट का जिला बदलने की हिमाकत की !

0
5

अब… मंत्री के नवरत्न अधिकारी अवनीश सिंह ने कमांडेंट का जिला बदलने की हिमाकत की !

मंत्री धर्मवीर के बाद अब उनके लाडले अफसर अवनीश सिंह ने कमांडेंट को दूसरे जिले में फेंका

9 जुलाई को मंत्री ने होमगार्ड मुख्यालय पर रखी समीक्षा है बैठक

मंत्री जी, 5 वर्ष से मुख्यालय पर तैनात हैं अवनीश कुमार सिंह,शैलजा सिंह,क्यों नहीं हुआ पटल परिवर्तन?

क्या प्रमुख सचिव,होमगार्ड और डीजी करेंगे कार्रवाई या ?


संजय श्रीवास्तव

Homeguards news : उत्तर प्रदेश के होमगार्ड की लीला निराली है। इतिहास के पन्नों पद दर्ज किया जायेगा कि राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने चुन-चुन कर ‘नगीनों’ पर आशीर्वाद का हांथ रखा है। शाहरुख खान का एक डॉयलाग आपलोगों को याद होगा…मैं हूं ना…। ट्रांसफर के मौसम में मंत्री ने 14 कमांडेंट का ट्रांसफर कर अगले दिन आदेश निरस्त करवाकर कुछ को अन्य जनपदों में तैनाती दे दी। जब मंत्री ने मुख्यमंत्री के आदेश की धज्जियां उड़ायी तो ‘लाडले’ अधिकारी भला कैसे पीछे रहते। मुख्यालय पर तैनात जेएसओ ने एक कमांडेंट का जिला बदलकर मंत्री का अपमान कर दिया 9 जुलाई को मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने जेल रोड स्थित होमगार्ड मुख्यालय पर समीक्षा बैठक रखी है,जिसमें प्रदेश के सभी डीआईजी,मंडलीय कमांडेंट और जिला कमांडेंट शामिल होने आ रहे हैं। अधिकारियों के लिये आफिसर्स मेस में रुम एलॉट किया गया है। लिस्ट में देखा गया तो गोरखपुर के जिला कमांडेंट मारकण्डेय सिंह को वाराणसी का कमांडेंट बना दिया गया है ?  ये वही अवनीश कुमार सिंह हैं, जो पिछले 5 वर्ष से जेएसओ की कुर्सी पर फेविकोल की तरह चिपके हुये हैं। इसी तरह शैलजा सिंह,ये भी 5 साल से जेएसओ की कुर्सी पर जमी हैं। एक सवाल तो बनता है गुरु जी, ट्रांसफर पालिसी में यदि संख्या 20 प्रतिशत से अधिक हो जाये और किसी अधिकारी का तबादला नहीं हो पाया तो उसका पटल अवश्य परिवर्तित करना चाहिये। आखिर अवनीश औै शैलजा में ऐसी कौन सी काबिलियत है कि दोनों का ट्रांसफर तो दूर पटल भी परिवर्तित नहीं किया गया ? मंत्री जी, यदि आपके पास जवाब हो तो ‘द संडे व्यूज़’ को दे सकते हैं। वैसे भी चार माह में आचार संहिता लागू होने वाली है फिर…

मंत्री के ‘नवरत्नों’ में इस विभाग मे कई कमांडेंट रत्न हैं,जो बैखौफ होकर होमगार्डों का शोषण कर रहे है। जवानों में त्राहिमाम मचा है…। सभी के जेहन में है कि कर्मचारियों और जवानों का शोषण करों,एक्श् ान नहीं होगा,क्योंकि माननीय का आशीर्वाद जो है। यही वजह है कि ‘नवरत्न’ अपना हित साधने में इतने मगन हैं कि बेसुध होकर कागजों पर बिना पढ़े, खटाखट हस्ताक्षर मार देते हैं। अधिकारी कागजों पर ‘चिडिय़ा’ बिठाने से पहले ये भी नहीं देखते कि कहां हस्ताक्षर कर रहे हैं और उसमें क्या लिखा हैबदहवाशी का आलम ही है कि अधिकारियों के रुकने के लिये मुख्यालय पर आफिसर्स मेस व एनेक्सी में सभी के नाम व पद से कमरा आवंटित किया गया है। लिस्ट में देखें तो गोरखपुर में तैनात जिला कमांडेंट मारक ण्डेय सिंह को वाराणसी का जिला कमांडेंट दर्शाकर एनेक्सी में कमरा नंबर 7 बुक किया गया है। जबकि वाराणसी में प्रमोटी जिला कमांडेंट बृजेश कुमार मिश्रा तैनात है।

अधिकारियेां के बीच चर्चा का बाजार गरम है। कोई कनफुसिया रहा है कि एक ही कुर्सी पर पांच साल से तैनात रहकर जेएसओ उबीया गये हैं…। ‘आखिर मंत्री जी काहें इतना आशीर्वाद देवत हउवन…। नाम न छापने की शर्त पर वाराणसी में तैनात मंत्री के नवरत्न खुसफुसा रहे हैं कि हमार जिला बच गईल,वही पैटर्न पर दूनो जेएसओ भी कुर्सिया बचा लेहले बाडऩ…।सभी चौंक रहे हैं कि आखिर नवरत्नों ने कौन सा फार्मूला अपनाया कि समय पूरा होने के बाद ,शिकायतों का अंबार लगने के बाद भी इनकी कुर्सी बची हुयी है। सबसे बड़ा सवाल ये है कि अब मंत्री की चकरिया गये होंगे कि आखिर ‘द संडे व्यूज़’ के पास आफिसर्स मेस में रुम एलाटमेंट का लैटर किसने पहुंचाया ?

मंत्री जी, बता दूं कि ये वही ‘द संडे व्यूज़’ का प्लेटफार्म है, जिसने आपको ‘इंटरनेशनल मिनिस्टर’ बनाया था, जिसने विदेशों में वृक्षारोपण कराकर आपको भाजपा में नई पहचान दिलाने का काम भी किया था लेकिन जब भ्रष्ट अफसरों को संरक्षण देंगे तो हमारी टीम ‘मिशन’ के तौर पर आपके सभी ‘नवरत्नों’ और ‘आपके’ कार्य-कलापों का पर्दाफाश करता रहेगा। क्या हुआ आपका फरमान था कि पूरे प्रदेश के अफसरों,जवानों को बोल दो संजय पुरबिया का नंबर ब्लॉक करा दो? क्या हुआ, किसी ने ब्लॉक किया ? आपके आवास पर तो मेरे फोन की घंटी घनघनाती है, अब?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here