यूपी में 10 साल से जमे पदाधिकारियों की होगी छुट्टी!
45 सदस्यीय टीम बनाई थी
ब्यूरो, लखनऊ। पिछले दो माह से संगठनात्मक काम पूरा करने में जुटी भाजपा ने अचानक चाल धीमी कर ली है। वर्ष 2019 के बाद जिलों का संगठन नए सिरे से बना तो लिया गया, लेकिन क्षेत्रीय अध्यक्षों के चयन, उनके समायोजन व प्रदेश पदाधिकारियों को लेकर कई स्तरों पर असमंजस बना हुआ है।

लखनऊ में कई दौर की बैठकों के बाद भी पार्टी फूंक-फूंककर बढ़ रही है। पार्टी देर से सही, लेकिन दुरुस्त आने की कसरत में पूरी सतर्कता बरत रही है। चुनावी प्रबंधन में कारगर साबित होने वाले ऐसे चेहरों की तलाश है जिनकी छवि भी बेहतर हो। हालांकि महिलाओे को एक तिहाई कोटा दिया जाएगा।संगठन में लंबे समय से जमे कई चेहरों का चुनावी लाभ लेने के लिए उन्हें बोर्ड व निगम में समायोजित करने की भी चर्चा है। पार्टी मान रही है कि अप्रैल माह के अंत तक संगठनात्मक काम पूरा हो सकेगा। मंत्रिमंडल विस्तार बंगाल चुनाव के बाद होने की संभावना है।
प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह पिछले कई दिनों से संगठन से लेकर निगम, आयोग व बोर्ड में समायोजन पर होमवर्क कर रहे हैं। प्रदेश इकाई में बड़े बदलाव होने हैं।माना जा रहा है कि दस साल से ज्यादा लंबे समय से पदाधिकारी बने लोगों के स्थान पर नए कार्यकर्ताओं को स्थान मिलेगा। लेकिन चुनावी साल होने की वजह से पार्टी नफा-नुकसान के सभी पहलुओं को खंगाल रही है। सभी छह क्षेत्रीय अध्यक्षों को बदलने को लेकर असमंजस है। बदलने पर उन्हें क्या भूमिका दी जाएगी, इसको लेकर भी पार्टी कई विकल्पों पर विचार कर चुकी है। इससे पहले के संगठनों में क्षेत्रीय अध्यक्षों को एमएलसी तक बनाया गया है। प्रदेश उपाध्यक्ष स्तर के चेहरों को पहले क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाया जा चुका है। पार्टी इस पहलू पर भी विचार कर रही है।
2022 में प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए भूपेंद्र चौधरी ने 45 सदस्यीय टीम बनाई थी, जिसमें सात महामंत्री, 18 उपाध्यक्ष और 16 प्रदेश मंत्री बनाए गए। अगर एक तिहाई पद महिलाओं को देना है तो उनकी संख्या लगभग 15 रखनी होगी। प्रदेश की वर्तमान टीम में महिला पदाधिकारियों की संख्या 11 है।
कांता कर्दम ,नीलम सोनकर, कमलावती सिंह व सुनीता दयाल को उपाध्यक्ष पद दिया गया, जबकि सात महामंत्रियों में प्रियंका रावत को जगह मिली। मीना चौबे, अंजुला सिंह माहौर, शकुंतला चौहान, अनामिका चौधरी, पूनम बजाज एवं अर्चना मिश्रा को मंत्री बनाया गया।











