युवा चला रहे हैं, समझो तो संविधान लाइव ! डायलॉग्स एवं फ्रेटरनिटी लैब्स की यात्रा

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यदि आप अपना विचार नहीं बदल रहे हैं तो आप अपने मस्तिष्क का उपयोग नहीं कर रहे हैं

दिव्यांश श्री.
लखनऊ ।समझो तो, संविधान लाइव! डायलॉग्स एवं फ्रेटरनिटी लैब्स एक राष्ट्रीय स्तरीय कार्यक्रम है जो कि विभिन्न पहचानों एवं विचारधाराओं के युवाओं को एक साथ मिलाकर परस्पर संवाद एवं सहयोग करता है। एक साथ साझी समझ बनाते हुये भारत के सह-निर्माण में अपना योगदान देता है।

भारतीय संविधान की प्रस्तावना में निहित मूल्यों को सुनिश्चित करते हुये कार्यक्रम से जुड़े युवाओं के लिये ऐसे अवसरों को सुनिश्चित कराता हैं। जहां युवाओं को दुनिया के साथ सौहद्रापूर्ण एवं सामंजस्यपूर्ण दुनिया में बनाये रखने के लिये सश्क्त करता है। विभिन्न जाति, धर्म एवं राजनीतिक विचारधाराओं वाले युवाओ के साथ एक मंच पर प्रत्यक्ष रूप से आमने- सामने बैठकर, विभाजन रेखा,फाल्ट लाइन को समझना और परस्परिक सहयोग के साथ विविधता, शक्ति एवं विभाजन के अन्तर पर संवाद करते और साझी-समझ विकसित करना एवं सहयोग और सह-निर्माण करना सीखते हैं।

उदहारण के तौर पर अगर किसी युवा के किसी अन्य व्यक्ति के साथ राजनैतिक विचार नहीं मिलते हैं तो इसका यह मतलब कतई नहीं कि वह व्यक्ति दुश्मन हैं। बल्कि उसके साथ कैसे एकमत होकर अहिंसा के साथ राष्ट्र निर्माण के लिय संगीत, लोकगीत, कला एवं रंगमंच नुक्कड़ को माध्यम बनाकर अपने सपनों का भारत के निर्माण में अपना योगदान करें। यह एक एक फाउंडेशन के द्वारा उत्तर प्रदेश में 100 युवाओं के साथ कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जहां पर युवाओं के द्वारा कार्यक्रम से जुड़े 200 से अधिक गोल्ड, सिल्वर एवं ब्रोंज टास्क युवाओं ने किया।
इस कार्यक्रम से जुड़े युवा साथी, सबरून और पुष्पा एक युवा प्रतिभागी हैं, इन्होंने फेक न्यूज को कैसे पहचाने और कैसे रोका जाये ,के लिये फेक न्यूज पर अपने समुदाय के युवाओं के साथ यूथ अड्डे का आयोजन किया गया। और अपने अनुभव को साझा करते हुये कहते हैं कि आज हम जिन कहानियों का उपभोग करते हैं, उनके साथ गलत सूचनाओं को तथ्यात्मक रूप से सही लोगों से अलग करना मुश्किल है। ये आख्यान हमें एक-दूसरे के प्रति अविश्वास पैदा करते हैं। इन नफ रत भरी कहानियों में से कई ने हमारे घरों में अपनी जगह बना ली है कि हमारे सबसे करीबी लोगों के साथ भी खुलकर बात करना मुश्किल हो गया है।

यह कार्यक्रम यह एक सोच फाउंडेशन कम्युनिटी द यूथ कलेक्टिव व अज़ीम प्रेमजी फिलांथरोपिक इनिशिएटिव के सहयोग से चला रहा है।

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